भारत के टॉप 10 सबसे बड़े घोटाले – Top 10 Biggest Scams of India

भारत के टॉप 10 सबसे बड़े घोटाले – Top 10 Biggest Scams of India

दोस्तों हर नागरिक को अपने देश के बारे मैं अच्छा और बुरा सब जानने की जिज्ञासा होती है. जब हम देश मैं हुए घोटालो के बारे मैं टीवी अख़बार मैं कही देखते हैं तो हमे बहुत बुरा लगता है और खून खौल उठता है. एक तरफ तो आम आदमी देश की तरक्की के लिए अपनी खून पसीने की कमाई से टैक्स भरता है दूसरी तरफ चंद लोग देश को लूटने मैं लगे रहते हैं. ऐसे ही देश के तमाम अजीबो गरीब घोटालो मैं से हमने कुछ बहुत बड़े और देश को भारी नुकसान पहुँचाने वाले घोटालो की लिस्ट बनाई है और हम चाहते हैं की आप भी इन्हे जाने.

आइये तो आज हम देश के टॉप १० सबसे बड़े घोटालों की बात करते हैं .

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हर्षद मेहता का सिक्योरिटी घोटाला, वर्ष 1992

घोटाले की कुल रकम: 4 हजार करोड़
साल 1992 मैं भारत मैं एक अजीबो गरीब गोटाला हुआ जिसमें बीएसई शेयर खरीदने के लिए हर्षद मेहता ने ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम के जरिए 1 हजार करोड़ की रकम ट्रांसफर की. यह मामला तब जाकर खुला जब SBI ने उस वक़्त की सरकार को प्रतिभूतियों की कमी होने की सूचना दी. बाद मैं एक बड़ी जांच से सामने आया कि हर्षद मेहता ने शेयर बाजार मैं कुल 4 हजार करोड़ की हेरफेर की जिससे उस वक़्त का मौजूदा बाजार धड़ाम से 72 फीसदी नीचे जा गिरा. जो उस वक़्त का बहुत ही बड़ा घोटाला था. इस घोटाले ने पूरी अर्थ व्यवस्था को हिला के रह दिया था.

अब्दुल करीम तेलगी का तेलगी घोटाला, वर्ष 2002

घोटाले की कुल रकम: 20 हज़ार करोड़

Telgi-Scamरकम के हिसाब से तेलगी घोटाला साल २००२ मैं एक बहुत बड़ा घोटाला था. इस घोटाले मैं मुख्य आरोपी अब्दुल करीम तेलगी था. आरोपी अब्दुल करीम तेलगी ने फर्जी स्टांप पेपर की मदद से जमकर पैसा कमाया था. तेलगी घोटाला कई वर्षों तक बड़े बड़े अखबारों और चैनलों की सुर्ख़ियो मैं आता रहा. इस घोटाले मैं कुछ तार उस वक़्त के बड़े बड़े मन्त्रियो से भी जुड़े, भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार का नाम भी इस घोटाले में सामने आया था.

ए राजा का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, साल 2008:

घोटाले की कुल रकम: 1.76 लाख करोड़

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यह घोटाला रकम के हिसाब से सर चकरा देने वाला घोटाला था. उस समय साल २००८ मैं कथित तौर पर 2जी स्पेक्ट्रम मामलों में कुछ मंत्रियों ने मोबाइल कंपनी को फायद पहुंचाने के लिए आनन-फानन में मोबाइल स्पेक्ट्रम का आवंटन बहुत सस्ते मैं कर दिया था. इससे देश के राजस्व को कुल 1.76 करोड़ लाख करोड़ का नुकसान हुआ, जो की बहुत बड़ी रकम है. इस मामले मैं मुख्य आरोपी ए राजा को बनाया गया, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और दयानिधी मारन पर कार्रवाई शुरू हुई और बड़ी कंपनियों के पदाधिकारी को जेल की हवा खानी पड़ी.

बी रामलिंग राजू का सत्यम घोटाला, साल 2009:

घोटाले की कुल रकम: 14 हजार करोड़
यह घोटाला देश की एक बहुत बड़ी आईटी कंपनी के द्वारा अंजाम दिया गया. सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन बी रामलिंग राजू ने कंपनी के खातों में बहुत बड़ी बड़ी गड़बड़ियां की जो की बाद मैं आकर खुली. जब कानूनी कार्यवाही हुई तो वर्षों तक करोड़ों का लाभ अधिक दिखाने की बात बी राजू ने न्यायालय के सामने स्वीकार की. यह लेखा धोखाधड़ी का अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जाता है. इस घोटाले का खुलासा जनवरी 2009 के दौरान हुआ था. बाद में डूबती हुई सत्यम कंपनी को महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ने हाथो हाथ खरीद लिया.

कालमाड़ी का कॉमनवेल्थ घोटाल, साल 2010

घोटाले की कुल रकम: 70 हजार करोड़

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बात साल २०१० की है जब भारत में पहली बार आयोजित हुए कॉमनवेल्थ खेलों के लिए तत्कालीन भारत सरकार ने बड़ा बजट जारी किया. आरोप यह है कि उस पैसे मैं से सिर्फ आधा ही जमीनी स्तर पर खर्च किया गया बाकी खर्च कागजो मैं ही दिखाया गया. कुछ कांग्रेस सदस्य और उस समय के खेल प्रशासक सुरेश कालमाड़ी पर आर्थिक अनियमितता के आरोप लगाए गए और कई बड़े बड़े अधिकारियों को जेल भी जाना पड़ा.

वक्फ बोर्ड जमीन घोटाला, साल 2012:

घोटाले की कुल रकम: 1.5-2 लाख करोड़
कर्नाटक के राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने पूर्व सीएम डीवी सदानंद गौड़ा को रिपोर्ट दाखिल करते हुए बताया कि कर्नाटक वक्फ बोर्ड की निगरानी में 27000 एकड़ जमीन पर अवैध खनन हो रहा है. गैरकानूनी तौर पर हो रहे खनन में 50 फीसदी जमीन वक्फ बोर्ड की थी जिसमें नेता और बोर्ड सदस्य भी शामिल थे.

जिगनेश शाह का एनएसईएल घोटाला, वर्ष 2013

घोटाले की कुल रकम: 5600 करोड़
एनएसईएल घोटाला मामले में मुख्य आरोपी जिगनेश शाह पर 5,600 करोड़ रुपये के एक्सचेंज भुगतान घोटाले का आरोप है. इस एनएसईएल घोटाले से हजारों लोगों को सीधा नुकसान उठाना पड़ा था.

सुब्रत रॉय का सहारा हाउसिंग बॉन्ड घोटाला, साल 2010:

घोटाले की कुल रकम: 24 हजार करोड़
भारतीय सेक्युर्टी और एक्सचेंज कमेटी सेबी के नियमों का उल्लंघन करते हुए मशहूर उद्योगपति सुब्रत रॉय सहारा ने अपने 2.96 करोड़ निवेशकों के लिए बॉन्ड जारी किए, जो पूरी तरह गैरकानूनी था, इस घोटाले के फलस्वरुप सुब्रत रॉय इस समय जेल मैं है.

सुदीप्त सेन का शारदा घोटाला, साल 2013

घोटाले की कुल रकम: 10 हजार करोड़ रुपये
शारदा चिटफंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुदीप्त सेन ने कई स्कीमों के जरिए बंगाल और उड़िसा के करीब 14 लाख निवेशकों से पैसा जुटाया और उन्हें ठगा.

सरकार का कोयला घोटाला, साल 2012:

घोटाले की कुल रकम: 1.86 लाख करोड़

Indian-Coal-Allocation-Scam
साल २०१२ मैं तत्कालीन सरकार ने निजी और सरकारी कंपनियों को कोयला खदानों का आवंटन किया. इस पर सामने आई कैग रिपोर्ट ने खुलासा किया कि गलत तरीके से कोयला आवंटित की गईं. इन खदानों से देश को करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सितंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने 218 में से 214 खदानों के आवंटनों को रद्द कर दिया.

3 thoughts on “भारत के टॉप 10 सबसे बड़े घोटाले – Top 10 Biggest Scams of India

  1. koyla ghotala, jisne bhi kiya h uske khilaph kadi karyavahi karna chahiye ,hamare desh me garibo ko khane k liye roti nhi he…or pahnne ke liye kapde tak nahi he

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